उर्वशी रौतेला की टीम ने AI कंपनी के खिलाफ ₹7,000 करोड़ का कानूनी कदम उठाया

अभिनेत्री उर्वशी रौतेला की टीम ने लॉस एंजेलेस स्थित AI कंपनी के खिलाफ उनकी पहचान के अनधिकृत उपयोग के लिए मुकदमा दायर किया है।

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Apla Nagpur Desk
29 Sept 2026, 4:44 PM IST · 2 मिनट वाचन
Source: News18
उर्वशी रौतेला की टीम ने AI कंपनी के खिलाफ ₹7,000 करोड़ का कानूनी कदम उठाया
खास बातें
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उर्वशी रौतेला की टीम ने उनकी छवि और नाम के अनधिकृत उपयोग का आरोप लगाया।

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कानूनी कार्रवाई में ₹7,000 करोड़ का मुआवजा मांगा गया है।

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सलमान खान सहित अन्य हस्तियों ने AI के दुरुपयोग पर चिंता जताई है।

उर्वशी रौतेला की टीम ने लॉस एंजेलेस स्थित एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की घोषणा की है। यह मुकदमा इस आरोप पर आधारित है कि कंपनी ने अभिनेत्री का नाम, छवियाँ और वीडियो बिना अनुमति के उपयोग किया है। यह कदम डिजिटल युग में व्यक्तिगत पहचान के अनधिकृत शोषण के बढ़ते मुद्दे को उजागर करता है।

इस कानूनी विवाद की पृष्ठभूमि में यह स्पष्ट होता है कि मनोरंजन उद्योग में AI प्रौद्योगिकी की तेजी से प्रगति ने गोपनीयता और बौद्धिक संपत्ति के अधिकारों के बारे में चिंताएँ बढ़ा दी हैं। रौतेला की टीम ने यह स्पष्ट किया है कि उनकी छवि का कोई भी व्यावसायिक उपयोग केवल स्पष्ट अनुमति के साथ ही किया जाना चाहिए, जो कि हस्तियों के बीच अपनी पहचान की रक्षा के लिए बढ़ते रुझान को दर्शाता है।

एक आधिकारिक बयान में, रौतेला के प्रतिनिधियों ने कहा कि AI कंपनी की गतिविधियों ने बिना अनुमति के उनके नाम का उपयोग करके अरबों का राजस्व उत्पन्न किया है। वे वर्तमान में मुआवजे का आकलन कर रहे हैं, जिसे उन्होंने ₹7,000 करोड़ के आसपास अनुमानित किया है। बयान में यह भी चेतावनी दी गई है कि AI कंपनी को उनकी अनुमति के बिना उनके नाम का उपयोग करने से बचना चाहिए।

इस मामले के प्रभाव केवल रौतेला तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह मनोरंजन और तकनीकी उद्योगों में AI के नैतिक उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण चिंताओं को उजागर करता है। हाल ही में, अभिनेता सलमान खान ने भी AI प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग के बारे में चिंता व्यक्त की, विशेष रूप से अनधिकृत सामग्री बनाने में। उनके टिप्पणियाँ सार्वजनिक हस्तियों के बीच AI के संभावित दुरुपयोग के प्रति बढ़ती चिंता को दर्शाती हैं।

आगे देखते हुए, रौतेला की टीम द्वारा उठाए गए कानूनी कदम AI के युग में व्यक्तिगत पहचान की रक्षा के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकते हैं। जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ेगा, यह मीडिया और मनोरंजन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के बारे में चर्चा और नियमों को प्रेरित कर सकता है, जो भारत और उससे आगे बौद्धिक संपत्ति के अधिकारों पर भविष्य की कानूनों को प्रभावित कर सकता है।

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