प्रिय ने एशियाई खेल 2026 में 60 किलोग्राम मुक्केबाजी में पदक जीता
प्रिय ने एशियाई खेलों में 60 किलोग्राम मुक्केबाजी के क्वार्टरफाइनल में जीत हासिल कर पदक सुनिश्चित किया।
प्रिय ने ताजिकिस्तान की मिजग़ोना समादोवा को 5-0 से हराया।
लवलीना बोरगोहेन और पार्वीन हूडा ने भी अपने-अपने वर्गों में पदक सुनिश्चित किए।
अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम मुक्केबाजी में सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
प्रिय ने 2026 एशियाई खेलों में महिलाओं की 60 किलोग्राम मुक्केबाजी श्रेणी में सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया है। एइची-नागोया में हुए क्वार्टरफाइनल में प्रिय ने ताजिकिस्तान की मिजग़ोना समादोवा को सर्वसम्मति से 5-0 से हराया। प्रिय ने पहले राउंड में 3-2 से जीत हासिल की, दूसरे राउंड में 5-0 से हावी रहीं और अंतिम राउंड में जीत सुनिश्चित की।
एशियाई खेलों ने भारतीय मुक्केबाजों के लिए एक मंच प्रदान किया है, और प्रिय की उपलब्धि देश की खेल में बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है। प्रिय के अलावा, भारतीय ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने भी महिलाओं की 75 किलोग्राम श्रेणी में सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक सुनिश्चित किया। लवलीना ने दक्षिण कोरिया की 2010 एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता सिओंग सुयेओन को 5-0 से हराया, पहले राउंड में 10-9 से बढ़त बनाई और अगले दो राउंड में 5-0 से जीत हासिल की।
एक और उल्लेखनीय प्रदर्शन पार्वीन हूडा का रहा, जिन्होंने महिलाओं की 65 किलोग्राम प्रतियोगिता में अपने क्वार्टरफाइनल मैच में जीत हासिल कर पदक सुनिश्चित किया। पार्वीन ने विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता नवबखोर खामिदोवा को सर्वसम्मति से 5-0 से हराया। पार्वीन ने 4-1, 5-0 और 5-0 से राउंड जीते। उन्हें 2022 एशियाई खेलों में डोपिंग उल्लंघनों के कारण कांस्य पदक से वंचित किया गया था, लेकिन अब वह स्वर्ण पदक की ओर बढ़ रही हैं।
पुरुषों की श्रेणी में, अंकुश पंघाल ने भी पुरुषों के 80 किलोग्राम मुक्केबाजी में सेमीफाइनल में प्रवेश किया। उन्होंने रविवार को क्वार्टरफाइनल में ताजिकिस्तान के नेक्रुज़ सालिमोव को 5-0 से हराया। अंकुश की गति और पंचिंग क्षमता ने उनके प्रतिद्वंद्वी पर हावी होने में मदद की, जिससे भारत की मुक्केबाजी की उपस्थिति और मजबूत हुई।
आगे देखते हुए, भारतीय मुक्केबाजी दल सेमीफाइनल और फाइनल में अधिक सफलता की उम्मीद कर रहा है। कई एथलीट पहले से ही पदक सुनिश्चित कर चुके हैं, और एशियाई खेलों में आगामी मैचों में संभावित स्वर्ण पदक की उम्मीदें बढ़ रही हैं।


