रुमेश पथिरागे ने एशियाई खेलों में भाला फेंकने का स्वर्ण जीता
श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने एशियाई खेलों में भाला फेंकने में स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत के यशवीर सिंह और रोहित यादव ने रजत और कांस्य पदक हासिल किए।
पथिरागे ने 88.55 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जो उनके शानदार सीजन का प्रतीक है।
यशवीर सिंह ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 85.72 मीटर के साथ रजत पदक जीता।
यह पहली बार है जब तीन दक्षिण एशियाई भाला फेंकने वालों ने एशियाई खेलों में पदक जीते।
श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 28 सितंबर 2026 को जापान के नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में पुरुषों के भाला फेंकने की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। पथिरागे ने 88.55 मीटर की अंतिम थ्रो के साथ जीत हासिल की, जबकि भारतीय एथलीट यशवीर सिंह और रोहित यादव ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीते।
पथिरागे की इस सफलता का सफर अद्वितीय रहा है। उन्होंने इस वर्ष कई प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की, जिसमें राष्ट्रमंडल खेलों और डायमंड लीग फाइनल में स्वर्ण पदक शामिल हैं। नागोया में उनकी प्रदर्शन ने एक ऐसे वर्ष का समापन किया, जिसमें उन्होंने भाला फेंकने की प्रतियोगिता में केवल एक बार हार का सामना किया।
फाइनल में, यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता, जबकि रोहित यादव ने 84.35 मीटर की थ्रो के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम ने 80.29 मीटर के साथ चौथा स्थान प्राप्त किया।
इस घटना का महत्व व्यक्तिगत उपलब्धियों से परे है। यह दक्षिण एशियाई एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि यह पहली बार है जब तीन भाला फेंकने वाले एशियाई खेलों में पदक जीते हैं। यह परिणाम दक्षिण एशियाई एथलीटों की बढ़ती ताकत और प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।
आगे देखते हुए, पथिरागे ने नदेम द्वारा स्थापित एशियाई रिकॉर्ड 92.97 मीटर को तोड़ने की इच्छा व्यक्त की है। उनकी वर्तमान फॉर्म और संकल्प के साथ, खेल समुदाय उनकी भविष्य की प्रतियोगिताओं पर ध्यान केंद्रित करेगा।




